क़िताब-ए-ज़िन्दगी
ए ज़िन्दगी बस तू साथ दे मेरा, लड़ने के लिए तो मै किस्मत से भी तैयार हूँ...
Sunday, 15 May 2016
बस ख्वाब यही है ए जिन्दगी,
मै तुझे मुस्कुराकर देखू,
तू मुझे मुस्कुरा कर देखे....स्नेहा
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