बिखरी बिखरी सी जिन्दगी है मेरी,
समेटने में जरा वक्त लगेगा.
आंसुओं से भींगी है, जिन्दगी की किताब,
सूखने में जरा वक्त लगेगा.
दिल, दिमाग की नहीं सुनता,
दिमाग, दिल की नहीं सुनता
दोनों को समझने में वक्त लगेगा.
रास्ते चलते-चलते भटक गयी हूँ,
जिन्दगी की उलझनों में उलझ गयी हूँ,
उलझनों को सुलझाने में जरा वक्त लगेगा.
बिखरी बिखरी सी जिन्दगी है मेरी,
समेटने में जरा वक्त लगेगा.
समेटने में जरा वक्त लगेगा.
आंसुओं से भींगी है, जिन्दगी की किताब,
सूखने में जरा वक्त लगेगा.
दिल, दिमाग की नहीं सुनता,
दिमाग, दिल की नहीं सुनता
दोनों को समझने में वक्त लगेगा.
रास्ते चलते-चलते भटक गयी हूँ,
जिन्दगी की उलझनों में उलझ गयी हूँ,
उलझनों को सुलझाने में जरा वक्त लगेगा.
बिखरी बिखरी सी जिन्दगी है मेरी,
समेटने में जरा वक्त लगेगा.

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